8th Pay Commission Latest केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच आठवी वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। पिछले वर्ष वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी। आप मान जा रहा है कि इसकी सिफारिश को लागू होने में करीब 18 से 20 महीने का समय लग सकता है। 7th Central Pay Commission का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है।
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फैमिली यूनिट के दायरे को बढ़ाने की मांग उठ रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बेसिक सैलरी की गणना में तकनीकी रूप से 66% तक बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) के अंतर्गत ज्वाइंट कॉन्सुलेटिव मेकैनिज्म (NC-JCM) के तहत मसौदा प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से करीब 1.2 करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशन भोगी प्रभावित हो सकते हैं।
7वे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना तीन उपभोग इकाइयों कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों के समायोजित मानक के आधार पर की गई थी। यह मॉडल डॉक्टर वालेस एक्रॉयड के जीवन निर्वाह वेतन सिद्धांत से प्रेरित था, जिसमें पोषण, cloths आवास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को आधार बनाया गया था। आप कर्मचारी संगठन आश्रित माता-पिता को भी शामिल करते हुए फैमिली यूनिट को तीन से बढ़कर 5 करने की मांग कर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो बेसिक वेतन में वृद्धि के साथ-साथ पेंशन पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि बेसिक पेंशन अंतिम वेतन का 50% होती है।
8वे वेतन आयोग से क्या उम्मीदें हैं?
- पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने आठवीं वेतन आयोग का गठन किया गया था। कर्मचारी संगठन निम्न मांगे उठा रहे हैं:
- फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़कर 3.25 करना
- 7% वार्षिक वेतन वृद्धि
- पुरानी पेंशन योजना की बहाली
वेबसाइट लॉन्च और सुझाव आमंत्रित
हाल ही में आठवीं केंद्रीय वेतन आयोग ने एक आधिकारिक वेबसाइट लांच की है। MuGov पोर्टल पर उपलब्ध एक सारांशित प्रश्नावली के माध्यम से सुझाव और प्रतिक्रियाएं एकत्र की जा रही है, इस प्रश्न वाली में वेतन, भक्तों और पेंशन से जुड़े 18 प्रश्न शामिल है। मंत्रालयों, विभाग, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, नियामक निकायों, कर्मचारी संगठन, पेंशन भोगियों और एन इच्छुक व्यक्तियों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। प्रतिक्रिया जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।
क्या है एक एक्रॉयड फार्मूला?
एक प्रोवाइड फार्मूला एक ऐसा सिद्धांत है, जिसका इस्तेमाल कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन तय करने में किया जाता है। यह फार्मूला मुख्य रूप से इन बातों पर आधारित होता है: एक कर्मचारी के परिवार का आकार लगभग तीन सदस्य भोजन, कपड़ा, आवास,शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च महंगाई दर यह फार्मूला मूल वेतन तय करने के लिए एक वैज्ञानिक आधार देता है।
केंद्रीय कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
यदि एक करोड़ फार्मूला के आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया गया तो :
- बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल
- महंगाई भत्ता की नई गणना में संशोधन
- HRA में संशोधन
- पेंशनर्स को भी लाभ इसका सीधा फायदा लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को मिलेगा।
लागू होने में कितना समय?
आमतौर पर वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने और लागू होने में 18-24 महीने का समय लगता है अगर आठवीं वेतन आयोग की प्रक्रिया इसी रफ्तार से चली, तो नई सैलरी संरचना लागू होने में अभी समय लग सकता है।
निष्कर्ष
आठवीं वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में उत्साह है। एक प्रोवाइड फार्मूला के आधार पर वेतन तय होने की स्थिति में अच्छी बढ़ोतरी संभव है, लेकिन अंतिम फैसला सरकार की सिफारिश और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।


