पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आयी है। राज्य सरकार ने अब यह अनिवार्य कर दिया है की सभी बिहार के शिक्षकों का वेतन 1 तारीख को भुगतान किया जाय। शिक्षा बिभाग के इस सम्बन्ध में सभी जिलों की अधिकारियो को स्पष्ट निर्देश जारी किये है ताकि शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके और किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दरअसल , लंबे समय से शिक्षकों दोवारा समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायते की जा रही थी। कई बार वेतन भुगतान में देरी होने से शिक्षकों को आर्थिक समस्याओ का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने अब वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सख्ती से लागु करने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग ने अधिकारियो को भेजा पत्र, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियो और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियो को इस सम्बन्ध में पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है की राज्य के सरकारी विद्यालय में कार्यरत बिहार के शिक्षकों का वेतन एक तारीख को भुगतान करना सुनिश्चित किया जाय।
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पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है की वेतन भुगतान में किसी प्रकार की लापरबाही या देरी होने पर सम्बंधित अधिकारियो से जवाब-तलब किया जाय। विभाग ने कहा है की शिक्षकों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। शिक्षकों की शिकायतों को जल्द होगा समाधान। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है की शिक्षकों की सेवा से जुडी शिकायतो के समाधान के लिए मानव संसाधन प्रवंधन प्रणाली(HRMS) और शिक्षा कोष के माध्यम से जुडी शिक्षकों की समस्याओ का निपटारा तेजी किया जायेगा।
सरकार का मानना है की डिजिटल व्यवस्था लागु होए से वेतन भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी। इससे शिक्षकों को बार बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्या का समाधान ऑनलाइन ही किया जायेगा। ट्रांसफर और अन्य प्रक्रिया में भी सुधार ,शिक्षा विभाग के यह स्पष्ट किया है की शिक्ष्लो के स्थांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओ को भी सरल बनाने की दिशा में काम किया है। इसके लिए विभाग स्तर पर नई नीतियों पर विचार किया जा रहा है ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।
विभाग का कहना है की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की समस्या का समाधान बेहद जरुरी है। यदि शिक्षक संतुस्ट रहेंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगा।
लाखो शिक्षकों को मिलेगा फयदा।
इस नए निदेश से राज्य के करीब 5 से 6 लाख शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें हर महीने समय पर वेतन मिलने से आर्थिक योजना बनाना आसान होगा। इससे शिक्षकों के बीच लंबे समय से चल रही असंतोष की स्तिथि भी काफी हद तक ख़त्म हो सकती है।
शिक्षा विभाग के सभी जिलों को यह सुनिश्त करने को कहा है की वेतन भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी की जय और किसी भी स्तर पर देइ ने हो। साथ ही यह भी कहा गया है की अगर कही समस्या आती है तो तुरंत विभाग को इसकी जानकारी दी जाय।
शिक्षा व्यबस्था को मजबूत बनाने की पहल
राज्य सरकार का मानना है की शिक्षकों को समय पर वेतन देना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे शिक्षकों को मनोबल बढ़ेगा और वे अपने काम पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। शिक्षा विभाग के इस फैसले को शिक्षकों के हित में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है की इससे राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।


