< केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया नियम: हर साल करना होगा ऑनलाइन ट्रेंनिंग कोर्स, सरकार ने संसद में दी जानकारी

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया नियम: हर साल करना होगा ऑनलाइन ट्रेंनिंग कोर्स, सरकार ने संसद में दी जानकारी 

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया है, जिसके तहत आप सभी केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को हर साल एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा। यह कोर्स उनकी योग्यता और पद के अनुसार तय किए जाएंगे और उनकी जानकारी उनकी वार्षिक परफॉर्मेंस रिपोर्ट में भी दर्ज की जाएगी। सरकार ने इस संबंध में हाल ही में राज्यसभा में आधिकारिक जानकारी दी है। 

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया नियम

दरअसल, सरकार का उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों की कार्य क्षमता, कौशल और प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाना है। किसी उद्देश्य से कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे नई तकनीक, नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ खुद को अपडेट रख सके। 

सरकार ने संसद में दी जानकारी 

राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने एक नया निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत सभी केंद्रीय कर्मचारी और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को हर साल एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण (IGOT) पोर्टल पर अपनी भूमिका और स्टार के अनुसार तय किए गए योग्यता आधारित कोर्स पूरा करने होंगे। उन्होंने बताया कि यह कोर्स केवल औपचारिकता नहीं होंगे, बल्कि इनका सीधा संबंध कर्मचारियों के मूल्यांकन से होगा। यानी कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रशिक्षण कोर्स और उनके प्रदर्शन का रिकॉर्ड उनकी वार्षिक परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APAR) में भी दर्ज किया जाएगा।

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APAR से जुड़ा रहेगा प्रशिक्षण 

सरकार के इस नए नियम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब प्रशिक्षण कोर्स कर्मचारियों के वार्षिक मूल्यांकन से जुड़े रहेंगे। इसका मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी तय किए गए कोर्स समय पर पूरा नहीं करता है, तो इसका असर उसकी वार्षिक परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर पढ़ सकता है। 

APAR सरकार कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाली एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट होती है। किसी के आधार पर कर्मचारियों की पदोन्नति, पोस्टिंग और अन्नप्रशासनिक फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि IGOT पोर्टल पर किए जाने वाले प्रशिक्षण कोर्स कर्मचारियों के करियर के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकताहै। 

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों में सीखने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी कामकाज के गुणवत्ता में भी सुधार होगा। 

क्या है IGOT पोर्टल?

IGOT यानी integrated Government Online Training एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी अपनी भूमिका और जिम्मेदारियां के अनुसार विभिन्न कोर्स कर सकते हैं। इस प्लेटफार्म पर प्रशासन, प्रबंधन, डिजिटल तकनीक, नीति निर्माण और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कोर्स उपलब्ध है। कर्मचारी अपने सुविधा के अनुसार इन कोर्स को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं। इससे प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक आसान और प्रभावी बन जाती है। 

आठवें वेतन आयोग का भी इंतजार 

इसी बीच केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिश का भी इंतजार है। केंद्र सरकार ने पिछले साल जनवरी 2025 में आठवीं वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद नवंबर 2025 में आयोग का औपचारिक गठन कर दिया गया। सरकार ने इस आयोग को अपने सिफारिश तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग अपनी रिपोर्ट साल 2027 की पहली छमाही तक सरकार को सौंप सकता है। 

यदि ऐसा होता है तो केंद्र सरकार इन सिफारिश को लागू करने का फैसला ले सकती है। आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिश से लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन, भक्तों और पेंशन में बढ़ोतरी होती है। 

2026 से लागू हो सकती है सिफारिशें 

माना जा रहा है की आठवीं वेतन आयोग की सिफरी से 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती है। यानी भले ही सिफारिश 2027 में आए, लेकिन उन्हें पिछले तारीख से लागू किया जा सकता है। 

यदि सरकार ऐसा करती है तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरिया के रूप में भी बड़ी रकम मिल सकती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को नए वेतन के अनुसार पुराने समय का अंतर एक साथ मिल सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ा लाभ हो सकता है। 

24 अप्रैल को देहरादून में होगी अहम बैठक 

आठवें वेतन आयोग ने हाल ही में यह भी घोषणा की है कि वेतन, भक्तों और सेवा से जुड़े मामलों पर विभिन्न हिट धारकों से बातचीत करने के लिए आयोग की टीम अलग-अलग राज्यों का दौरा करेगी। 

इस सिलसिले में आयोग की टीम 24 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का दौरा करेगी। इस दौरे के दौरान आयोग कर्मचारी संगठन, संस्थान, यूनियन और एन संबंधित पक्षों से मुलाकात करेगा और उनकी राय सुझाव लगा।

आयोग के द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जो भी संगठन या समूह आयोग की टीम से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें पहले से अपॉइंटमेंट लेना होगा। 

अपॉइंटमेंट के लिए तय की गई समय सीमा 

आयोग ने स्पष्ट किया है की इच्छुक संगठन, यूनियन या कोई संस्थान 10 अप्रैल 2026 तक अपना अनुरोध भेज सकते हैं। इसके बाद आयोग की ओर से चयनित समूहों को बैठक की तारीख और समय की जानकारी दी जाएगी। 

इन बैठकों के माध्यम से आयोग कर्मचारी से सीधे फीडबैक लेना चाहता है, ताकि उनकी समस्याओं और जरूरत को बेहतर तरीके से समझा जा सके। इससे आयोग को अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करने में भी मदद मिलेगी। 

कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण समय 

कुल मिलाकर देखा जाए तो इस समय केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। एक और जहां सरकार ने प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाकर कर्मचारियों के कौशल विकास पर जोर दिया है, वहीं दूसरी ओर आठवीं वेतन आयोग की सिफारिश का इंतजार भी जारी है। आने वाले समय में वेतन आयोग की रिपोर्ट और सरकार के फैसलों से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद की जा रही है। इसलिए कर्मचारियों की नजरे अब सरकार और वेतन आयोग की आगामी होने वाले गतिविधियों पर टिकी हुई है।

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