कौन हैं IAS Alankrita Pandey? भागलपुर में 71 अधिकारियों को दी नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति

सरकारी राजस्व और विभिन्न विभागों से जुड़ी लंबित लोक मांग की वसूली में तेजी लाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। भागलपुर की जिलाधिकारी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS Alankrita Pandey ने जिले के 71 अधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी यानी सर्टिफिकेट ऑफिसर की वैधानिक शक्ति प्रदान की है।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित सर्टिफिकेट मामलों के निपटारे और बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया को तेज करना है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित कार्यक्षेत्र में अधिकृत अधिकारी लोक मांग से जुड़े मामलों की सुनवाई और नियमानुसार वसूली की कार्रवाई कर सकेंगे।

IAS Alankrita Pandey

71 अधिकारियों को मिली नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति

भागलपुर जिला प्रशासन के अनुसार, 71 अधिकारियों को उनके निर्धारित कार्यक्षेत्र के अंतर्गत नीलाम पत्र पदाधिकारी के रूप में कार्य करने की विशेष वैधानिक शक्ति प्रदान की गई है। यह निर्णय सरकारी राजस्व और लंबित लोक मांग से संबंधित मामलों के जल्द निपटारे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इससे विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए अधिक अधिकारियों की उपलब्धता होगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे मामलों के निष्पादन और बकाया राशि की वसूली में तेजी आएगी।

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किस कानून के तहत दी गई शक्ति?

अधिकारियों को यह शक्ति बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के प्रावधानों के तहत प्रदान की गई है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने समाहर्ता की अनुशंसा के आधार पर अधिनियम की धारा 3(3) के तहत संबंधित अधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी के रूप में कार्य करने की शक्ति प्रदान की।

नीलाम पत्र पदाधिकारी की जिम्मेदारी लोक मांग से जुड़े मामलों के निपटारे और कानून के तहत बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

जिला और प्रमंडल स्तर के अधिकारी शामिल

इस नई व्यवस्था में जिला और प्रमंडल स्तर के कई विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें राज्य कर विभाग, निर्वाचन, कोषागार, निबंधन, मत्स्य, खेल, पशुपालन, उद्यान और कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं।

जिन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनमें राज्य कर अपर आयुक्त (अन्वेषण), भागलपुर प्रमंडल, राज्य कर सहायक आयुक्त, उप निर्वाचन पदाधिकारी, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी और उप निदेशक (कृषि) समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।

कौन हैं IAS Alankrita Pandey?

अलंकृता पांडेय बिहार कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2016 बैच की अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका जन्म 29 अक्टूबर 1992 को हुआ था और वे उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से हैं।

उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं।

वर्तमान में अलंकृता पांडेय भागलपुर की जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे जहानाबाद की जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान वे कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट और सहायक सचिव जैसे पदों पर भी काम कर चुकी हैं।

पति भी हैं IAS अधिकारी

अलंकृता पांडेय के पति अंशुल अग्रवाल भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। दोनों बिहार प्रशासनिक व्यवस्था में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

लंबित मामलों के निपटारे पर जोर

भागलपुर प्रशासन की ओर से उठाए गए इस कदम को लंबित लोक मांग और सर्टिफिकेट मामलों के निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है। अधिक अधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति मिलने से संबंधित मामलों की सुनवाई और प्रक्रिया को अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव लंबित मामलों के निपटारे और राजस्व वसूली की गति के आधार पर सामने आएगा। अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्र और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई करनी होगी।

निष्कर्ष

भागलपुर में 71 अधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी की वैधानिक शक्ति देने का फैसला लंबित लोक मांग और सरकारी राजस्व की वसूली से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने के उद्देश्य से किया गया है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के इस प्रशासनिक निर्णय से विभिन्न विभागों के लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

आप इस प्रशासनिक फैसले के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

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