भारत ईरान होर्मुज़ एलपीजी जहाज में बढ़ते तनाव के बीच भारत 8 LPG जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। जानिए भारत की ऊर्जा सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ईरान के साथ बातचीत शुरू की है ताकि भारतीय बाजार के लिए आ रहे 8 एलजी जहाज को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz से सुरक्षित रूप से गुजरने दिया जा सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार अनेक प्रकार के सुरक्षा कर्म और क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के कारण अनेक प्रकार के जहाज की आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत सरकार कूटनीति का स्तर पर प्रयास कर रही है कि भारतीय जहाजों और कारकों को सुरक्षित रास्ता से निकल सके।
भारत ईरान होर्मुज़ एलपीजी जहाज क्यों महत्वपूर्ण है
Strait Of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण गैस और तेल समुद्री मार्गों में से एक है यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान जैसे देशों के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को अरब सागर तक ले जाती है।
दुनिया के कुल समुद्रीमार्ग तथा परिवहन का लगभग एक बड़ा हिस्सा होमुर्ज जलडमरूमध्य मार्ग से गुजरता है। भारत जैसे देशों के लिए जो अपनी जरूरत के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। इसीलिए इस मार्ग को सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है।
8 LPG जहाज को लेकर बढ़ी चिंता
सूत्रों के अनुसार खबर आ रही है कि भारत के लिए LPG एलजी लेकर आ रहे कम से कम 8 जहाज फिलहाल इसी मार्ग से गुजरने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई प्रकार के शिपिंग जहाज कंपनियां सतर्क हो गई है। इसी वजह से भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संबंधित देशों के साथ बातचीत भी कर रही है।
कूटनीति स्तर पर बातचीत जारी
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर ईरान के अधिकारियों से चर्चा की है। इन देशों के बीच बातचीत होने का मुख्य करण यह भी है की भारतीय जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति करने के लिए किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कम से कम दो दर्जन से ज्यादा भारतीय जहाज भी प्रभावित हुए हैं। जिनकी आवाज आई पर नजर रखी जा रही है।
Also Read :बिहार दिवस क्यों मनाया जाता है? जानिए पूरा इतिहास और महत्व
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर
भारत दुनिया के सबसे बड़ा ऊर्जा आयात को में से एक है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और एलपीजी के रूप में विदेश से आयात करता है।
अगर state of Hormuz मैं लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो इसके कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में और शिपिंग लागत पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने पिछले कुछ सालों में अपने ऊर्जा स्रोतों के लिए एक तकनीकी व्यवस्था का प्रबंध किया है ताकि अचानक आने वाले चुनौतियों से निपटारा आसानी से किया जा सके।
सरकार स्थिति स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना उसकी सबसे पहले प्राथमिकता है। संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां इस स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है। साथ ही शिपिंग कंपनियों को सुरक्षा दिशा निर्देश का पालन करने और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सलाहों का पालन करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
मध्य पूर्व में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच भारत का ईरान के साथ बातचीत में यह दिखाता है कि देश अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय कूटनीति का प्रयास कर रही है। अगर बातचीत सफल होती है तो भारत के लिए आ रहे LPG जहाज सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से गुजर सकता है जिसके कारण देश की ऊर्जा सप्लाई पर किसी बड़े प्रभाव से बचा जा सकेगा


