Free Recharge News: स्वतंत्रता दिवस से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक साल तक मुफ्त रिचार्ज कराने की घोषणा की है। वीडियो में 15 अगस्त के मौके पर महिलाओं को यह खास सुविधा देने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला है।
सोशल मीडिया पर सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री की घोषणाओं से जुड़े कई वीडियो और पोस्ट अक्सर वायरल होते रहते हैं। इनमें से कुछ सही होते हैं, जबकि कई वीडियो और दावे Edited या फर्जी भी पाए जाते हैं। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों फ्री रिचार्ज के नाम पर वायरल हो रहा है।

क्या है वायरल वीडियो का पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया Plateforms पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाया गया है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की महिलाओं के Mobile phone पर एक साल का मुफ्त रिचार्ज कराया जाएगा।
वीडियो के वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे सच मानकर आगे शेयर करने लगे। देखते ही देखते यह दावा चर्चा में आ गया। कई यूजर्स इस कथित सरकारी योजना के बारे में जानकारी तलाशने लगे।
लेकिन जब इस वायरल वीडियो की जांच की गई तो इसकी सच्चाई कुछ और सामने आई।
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क्या महिलाओं को मिलेगा एक साल का Free Recharge?
नहीं। वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा फर्जी है। PIB Fact Check ने इस वायरल वीडियो की जांच करते हुए इसे फर्जी और AI से तैयार किया गया वीडियो बताया है।
PIB Fact Check के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें 15 अगस्त के अवसर पर महिलाओं को एक साल का मुफ्त मोबाइल रिचार्ज देने की बात कही जा रही है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो AI Generated Deepfake है।
सरकार या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से महिलाओं को एक साल का मुफ्त मोबाइल रिचार्ज देने की ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
AI Deepfake के जरिए बनाया गया वीडियो
वायरल वीडियो की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे देखने पर पहली नजर में यह वास्तविक प्रतीत हो सकता है। लेकिन ऐसे वीडियो AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से बनाए जा सकते हैं।
डीपफेक तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज को इस तरह बदला जा सकता है कि वीडियो देखने वाले को वह असली लगने लगे। इसी तरह के फर्जी वीडियो का इस्तेमाल लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाने के लिए किया जा रहा है।
इस मामले में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और वीडियो का इस्तेमाल करके मुफ्त रिचार्ज की झूठी खबर सोशल मीडिया पर फैलाई गई।
PIB Fact Check ने किया फर्जी दावे का खुलासा
वायरल वीडियो की सच्चाई सामने लाते हुए PIB Fact Check ने लोगों को ऐसे डीपफेक वीडियो से सावधान रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की ओर से महिलाओं को एक साल का मुफ्त मोबाइल रिचार्ज देने की कोई घोषणा नहीं की गई है।
इसलिए अगर आपके पास भी ऐसा कोई वीडियो, पोस्ट या मैसेज WhatsApp, Facebook, Instagram या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आता है, तो उसे बिना जांच किए आगे शेयर न करें।
फ्री रिचार्ज के नाम पर हो सकता है फ्रॉड
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फ्री रिचार्ज के दावों में कई बार फर्जी लिंक भी दिए जाते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर्स से मोबाइल नंबर, OTP, बैंकिंग डिटेल या अन्य निजी जानकारी मांगी जा सकती है।
इसलिए किसी भी कथित सरकारी योजना के नाम पर मिलने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। खासकर अगर किसी ऑफर में जल्दबाजी करने, OTP बताने या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाए, तो अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
सरकारी योजना की जानकारी कहां से लें?
केंद्र सरकार की किसी भी योजना या प्रधानमंत्री की किसी घोषणा से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, फोटो या मैसेज को आधिकारिक घोषणा मान लेना सही नहीं है।
अगर किसी योजना को लेकर संदेह हो, तो उसकी जानकारी संबंधित सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट से जांची जा सकती है।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महिलाओं को एक साल का मुफ्त मोबाइल रिचार्ज देने का दावा फर्जी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से वायरल हो रहा यह वीडियो AI जनरेटेड डीपफेक बताया गया है। केंद्र सरकार की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है।
ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली Free Recharge या किसी भी सरकारी योजना से जुड़ी खबर को सत्यापित किए बिना शेयर न करें। फर्जी वीडियो और भ्रामक दावों से बचने के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।
Disclaimer: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी सरकारी योजना या ऑफर की जानकारी को आधिकारिक घोषणा मानने से पहले संबंधित सरकारी स्रोत से सत्यापन जरूर करें।


